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लेखनी कविता -01-Sep-2022

तेरे लिए चांद फलक आसमा को तोड़ लाऊंगा
कभी लड़ो तो सही एक-एक हिसाब जोड़ लाऊंगा

अभी तक बाजार में तुम अकेले निकले थे 
कभी साथ में निकलो तो कीमत पता लगेंगी मेरी
ऐसा मोड़ लाऊंगा 

वो जो कुछ सिक्के कमा लिए तो खन- खननाने लगें
मैं इतना कमाऊंगा की फिर
तुम्हे मिल नहीं पाऊंगा 
ऐसा छोड़ लाऊंगा

हर बार मुझे नीचा दिखाने की कोशिश करते रहते हो
मैं तुझसे एक दिन रेस जीत जाऊंगा 
ऐसा दौड़ लाऊंगा

मुझे आखिरी मोड़ पर छोड़ जाने वाले रकीब 
एक बार पीछे मुड़ के जरूर देखना 
ऐसा होड़ लाऊंगा

मैं खुद एक दिन इतना काबिल बन जाऊंगा कि 
खाली महफिल में विशाल
ऐसा भीड़ लाऊंगा


#शायर विशु किंग

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9 Comments

SHAYAR VISHU KING

03-Sep-2022 12:00 AM

Baki trutiya agli rachna me sudhar lunga

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SHAYAR VISHU KING

02-Sep-2022 11:59 PM

Aap sabhi ko dhanyabad ❤️❤️🙏🙏

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Achhi rachana

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